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📘 RAS A2Z Junior Accountant — Issue of Preference Shares

अध्याय 4: वरीयता शेयरों का निर्गमन Chapter 4

Issue of Preference Shares — Junior Accountant (RVUNL / RVPN / JVNN / AVVN / JdVNN)
✅ Companies Act 2013 (धारा 43, 55) | पूर्ण बिलिंगुअल सिलेबस
"सफलता उन्हें मिलती है जो तैयारी करते हैं।" — Success comes to those who prepare.

1 अध्याय का अवलोकन

वरीयता शेयर (Preference Shares) वे शेयर हैं जिनके धारकों को कंपनी के लाभांश (Dividend) और पूंजी वापसी (Capital Repayment) के मामले में वरीयता (Preference) प्राप्त होती है। इन शेयरों पर एक निश्चित दर पर लाभांश दिया जाता है, और कंपनी के परिसमापन (Winding Up) की स्थिति में, वरीयता शेयरधारकों को इक्विटी शेयरधारकों से पहले पूंजी वापस मिलती है ।

यह अध्याय वरीयता शेयरों के विभिन्न प्रकारों, उनकी विशेषताओं, लेखांकन व्यवहार, लाभांश गणना, संचयी बकाया (Arrears), और निःशोधन (Redemption) की विस्तृत व्याख्या करता है।

2 अधिगम उद्देश्य

क्र.उद्देश्य
1.वरीयता शेयरों का अर्थ समझना
2.वरीयता शेयरों के विभिन्न प्रकार पहचानना
3.वरीयता शेयरों की विशेषताएँ समझना
4.वरीयता शेयरों का लेखांकन व्यवहार सीखना
5.इक्विटी और वरीयता शेयरों में अंतर करना
6.वरीयता शेयरों पर लाभांश की गणना करना
7.संचयी बकाया (Arrears) की गणना करना
8.संख्यात्मक प्रश्न हल करना

3 मूल अवधारणाएँ

वरीयता शेयर (Preference Shares)

वरीयता शेयर — ऐसे शेयर जिनके धारकों को:

  • लाभांश में वरीयता — इक्विटी शेयरधारकों से पहले लाभांश मिलता है
  • पूंजी वापसी में वरीयता — परिसमापन पर पहले पूंजी वापस मिलती है
  • निश्चित दर पर लाभांश — सामान्यतः निश्चित दर होती है
  • मतदान अधिकार — सामान्यतः नहीं होते (कुछ स्थितियों में हो सकते हैं)

सरल शब्दों में: वरीयता शेयर इक्विटी शेयरों की तुलना में अधिक सुरक्षित हैं लेकिन इन पर लाभांश की दर निश्चित (Fixed) होती है, इसलिए इनके धारकों को अधिक लाभ नहीं मिलता ।

4 तकनीकी परिभाषा

📌 Companies Act, 2013 — धारा 43:
"वरीयता शेयर पूंजी का अर्थ है शेयर पूंजी का वह भाग जो एक निश्चित राशि या एक निश्चित दर पर गणना की गई राशि के भुगतान के लिए वरीयता रखता है, और परिसमापन पर पूंजी की वापसी के लिए भी वरीयता रखता है।"

5 वरीयता शेयरों की विशेषताएँ

क्र.विशेषतास्पष्टीकरण
1.वरीयता लाभांशनिश्चित दर पर लाभांश, पहले भुगतान
2.पूंजी वापसी में वरीयतापरिसमापन पर इक्विटी से पहले
3.निश्चित दरनिश्चित प्रतिशत पर लाभांश
4.सीमित मतदान अधिकारसामान्यतः कोई मतदान अधिकार नहीं
5.संचयी अधिकारअवैतनिक लाभांश संचयित होता है (संचयी शेयरों में)
6.निःशोध्यशर्तों के अनुसार मोचन किया जा सकता है

6 वरीयता शेयरों के प्रकार

A. लाभांश के आधार पर

1. संचयी वरीयता शेयर (Cumulative Preference Shares)

यदि किसी वर्ष कंपनी को पर्याप्त लाभ नहीं होता और वह लाभांश नहीं दे पाती, तो इस वर्ष का लाभांश अगले वर्ष में संचयित (Cumulate) होता है। जब कंपनी लाभ कमाती है, तो पहले सभी संचयी बकाया (Arrears) का भुगतान किया जाता है ।

📌 उदाहरण: 6% संचयी वरीयता शेयर
वर्ष 1: कोई लाभांश नहीं → ₹6 प्रति शेयर बकाया
वर्ष 2: कोई लाभांश नहीं → ₹12 प्रति शेयर बकाया
वर्ष 3: लाभांश → पहले ₹12 बकाया, फिर ₹6 वर्तमान

2. असंचयी वरीयता शेयर (Non-Cumulative Preference Shares)

यदि किसी वर्ष लाभांश नहीं दिया जाता है, तो वह वर्ष का लाभांश समाप्त (Lapse) हो जाता है। अगले वर्षों में इसका भुगतान नहीं किया जाता ।

📌 उदाहरण: 6% असंचयी वरीयता शेयर
वर्ष 1: कोई लाभांश नहीं → समाप्त
वर्ष 2: लाभांश → केवल वर्तमान ₹6

B. सहभागिता के आधार पर

3. सहभागी वरीयता शेयर (Participating Preference Shares)

इन शेयरधारकों को निश्चित लाभांश के अलावा, इक्विटी शेयरधारकों को दिए गए लाभांश में भी सहभागिता मिलती है ।

4. गैर-सहभागी वरीयता शेयर (Non-Participating Preference Shares)

इन शेयरधारकों को केवल निश्चित लाभांश मिलता है। अतिरिक्त लाभ में कोई सहभागिता नहीं होती ।

C. निःशोधन के आधार पर

5. निःशोध्य वरीयता शेयर (Redeemable Preference Shares)

ये शेयर कंपनी द्वारा एक निश्चित अवधि के बाद वापस (Redeem) किए जा सकते हैं। कंपनी इन शेयरों को मूल्य चुकाकर वापस ले सकती है ।

📌 विधिक प्रावधान — धारा 55:
• केवल पूर्ण चुकता शेयर ही मोचित किए जा सकते हैं
• मोचन लाभ या नए निर्गमन से किया जा सकता है
• पूँजी मोचन आरक्षित (Capital Redemption Reserve) बनाना अनिवार्य है

6. अनिःशोध्य वरीयता शेयर (Irredeemable Preference Shares)

ये शेयर कंपनी द्वारा वापस नहीं किए जा सकते। इनका कोई निश्चित मोचन अवधि नहीं होती।

⚠️ महत्वपूर्ण: Companies Act 2013 के तहत अनिःशोध्य वरीयता शेयरों की अनुमति नहीं है ।

D. रूपांतरण के आधार पर

7. रूपांतरणीय वरीयता शेयर (Convertible Preference Shares)

इन शेयरों को एक निश्चित अवधि के बाद इक्विटी शेयरों में रूपांतरित (Convert) किया जा सकता है ।

8. गैर-रूपांतरणीय वरीयता शेयर (Non-Convertible Preference Shares)

इन शेयरों को इक्विटी शेयरों में रूपांतरित नहीं किया जा सकता ।

7 वरीयता शेयरों के प्रकार — सारांश

आधारप्रकारहिंदीमुख्य विशेषता
लाभांशCumulativeसंचयीबकाया संचयित होता है
लाभांशNon-Cumulativeअसंचयीबकाया समाप्त हो जाता है
सहभागिताParticipatingसहभागीअतिरिक्त लाभ में हिस्सा
सहभागिताNon-Participatingगैर-सहभागीकेवल निश्चित लाभांश
निःशोधनRedeemableनिःशोध्यमोचन किया जा सकता है
निःशोधनIrredeemableअनिःशोध्यमोचन नहीं किया जा सकता
रूपांतरणConvertibleरूपांतरणीयइक्विटी में रूपांतरित किया जा सकता है
रूपांतरणNon-Convertibleगैर-रूपांतरणीयइक्विटी में रूपांतरित नहीं किया जा सकता

8 वरीयता शेयरों का लेखांकन व्यवहार

8.1 वरीयता शेयरों का निर्गमन

सममूल्य पर निर्गमन

विवरणडेबिटक्रेडिट
बैंक खाता Dr.XXX
To वरीयता शेयर पूंजी खाताXXX

अधिमूल्य पर निर्गमन

विवरणडेबिटक्रेडिट
बैंक खाता Dr.XXX
To वरीयता शेयर पूंजी खाताXXX
To प्रतिभूति अधिमूल्य खाताXXX

8.2 वरीयता लाभांश की गणना

📐 वरीयता लाभांश = शेयरों की संख्या × अंकित मूल्य × लाभांश दर %
📌 उदाहरण: 10,000 शेयर × ₹10 × 6% = ₹6,000

लाभांश घोषणा की जर्नल प्रविष्टि

विवरणडेबिटक्रेडिट
लाभ-हानि खाता Dr.XXX
To वरीयता लाभांश खाताXXX

लाभांश भुगतान की जर्नल प्रविष्टि

विवरणडेबिटक्रेडिट
वरीयता लाभांश खाता Dr.XXX
To बैंक खाताXXX

8.3 संचयी वरीयता शेयर — बकाया (Arrears)

📐 बकाया = शेयर × अंकित मूल्य × दर% × वर्षों की संख्या
📌 उदाहरण: 5,000 शेयर × ₹10 × 8% × 2 वर्ष = ₹8,000

बकाया सहित लाभांश की जर्नल प्रविष्टि

विवरणडेबिटक्रेडिट
लाभ-हानि खाता Dr.XXX
To वरीयता लाभांश खाता (वर्तमान)XXX
To वरीयता लाभांश बकाया खाताXXX

8.4 वरीयता शेयरों का निःशोधन (Redemption) — धारा 55

निःशोधन की शर्तें:

  • केवल पूर्ण चुकता शेयर ही मोचित किए जा सकते हैं
  • मोचन लाभ या नए निर्गमन से किया जा सकता है
  • पूँजी मोचन आरक्षित (Capital Redemption Reserve) बनाना अनिवार्य है
📐 पूँजी मोचन आरक्षित = मोचित शेयरों का अंकित मूल्य

9 महत्वपूर्ण सूत्र

1. वरीयता लाभांश = शेयर × अंकित मूल्य × दर%
2. संचयी बकाया = शेयर × अंकित मूल्य × दर% × वर्ष
3. कुल लाभांश (संचयी) = वर्तमान + बकाया
4. पूँजी मोचन आरक्षित = मोचित शेयरों का अंकित मूल्य
5. निःशोधन पर लाभ = नए निर्गमन से राशि − मोचित शेयरों का अंकित मूल्य
6. निःशोधन पर हानि = मोचित शेयरों का अंकित मूल्य − नए निर्गमन से राशि
7. निःशोधन पर प्रीमियम = शेयर × प्रति शेयर प्रीमियम
8. कुल निःशोधन राशि = अंकित मूल्य + निःशोधन पर प्रीमियम

10 हल किए गए संख्यात्मक प्रश्न

प्रश्न 1 (Level 1 — Basic)

एक कंपनी के 8,000 वरीयता शेयर ₹10 वाले हैं। लाभांश दर 8% है। वार्षिक वरीयता लाभांश की गणना करें।

हल: 8,000 × ₹10 × 8% = ₹6,400

प्रश्न 2 (Level 2 — Moderate)

एक कंपनी के 12,000 संचयी वरीयता शेयर ₹10 वाले 6% के हैं। 2 वर्षों तक कोई लाभांश नहीं दिया गया। तीसरे वर्ष लाभ ₹30,000 है। कितना लाभांश देना होगा?

हल:
वार्षिक लाभांश = 12,000 × ₹10 × 6% = ₹7,200
बकाया (2 वर्ष) = ₹7,200 × 2 = ₹14,400
कुल लाभांश = ₹7,200 + ₹14,400 = ₹21,600

प्रश्न 3 (Level 3 — Graduation Level)

एक कंपनी के 10,000 इक्विटी शेयर ₹10 वाले, 5,000 वरीयता शेयर ₹10 वाले 8% के हैं। लाभांश के लिए उपलब्ध लाभ ₹12,000 है। (a) वरीयता लाभांश (b) इक्विटी लाभांश ज्ञात करें।

हल:
वरीयता लाभांश = 5,000 × ₹10 × 8% = ₹4,000
इक्विटी के लिए शेष = ₹12,000 − ₹4,000 = ₹8,000
इक्विटी लाभांश दर = (₹8,000 ÷ (10,000 × ₹10)) × 100 = 8%
उत्तर: वरीयता = ₹4,000 (8%), इक्विटी = ₹8,000 (8%)

प्रश्न 4 (Level 4 — Junior Accountant Level)

Rajasthan Power Ltd. के 10,000 इक्विटी शेयर ₹10 वाले, 5,000 सहभागी वरीयता शेयर ₹10 वाले 8% के हैं। लाभांश के लिए उपलब्ध लाभ ₹20,000 है। मान लें कि इक्विटी को 8% लाभांश के बाद अधिशेष समान रूप से विभाजित किया जाता है।

हल:
वरीयता मूल = ₹4,000
इक्विटी मूल (8%) = ₹8,000
अधिशेष = ₹20,000 − ₹12,000 = ₹8,000
समान विभाजन = ₹4,000 प्रत्येक
उत्तर: वरीयता = ₹8,000 (16%), इक्विटी = ₹12,000 (12%)

11 महत्वपूर्ण अंतर

इक्विटी शेयर vs वरीयता शेयर

आधारइक्विटी शेयरवरीयता शेयर
लाभांशपरिवर्तनशील (Variable)निश्चित (Fixed)
वरीयताकोई वरीयता नहींलाभांश और पूंजी में वरीयता
मतदान अधिकारपूर्ण मतदान अधिकारसीमित/कोई नहीं
पूंजी वापसीवरीयता के बादवरीयता से पहले
जोखिमअधिककम
लाभअधिक संभावितकेवल निश्चित

संचयी vs असंचयी वरीयता शेयर

आधारसंचयीअसंचयी
बकायासंचयित होता हैसमाप्त हो जाता है
भुगतानबकाया पहलेकेवल वर्तमान
जोखिमकमअधिक

निःशोध्य vs अनिःशोध्य वरीयता शेयर

आधारनिःशोध्यअनिःशोध्य
मोचनकिया जा सकता हैनहीं किया जा सकता
अवधिनिश्चितकोई निश्चित अवधि नहीं
वैधताअनुमत (धारा 55)अनुमत नहीं (2013 अधिनियम)

12 सामान्य गलतियाँ — परीक्षा ट्रैप्स

🔴 शीर्ष 10 परीक्षा ट्रैप्स

  • ट्रैप 1: "वरीयता शेयरधारकों को मतदान अधिकार होते हैं" ❌ → सामान्यतः नहीं होते ✅
  • ट्रैप 2: "सभी वरीयता शेयर संचयी होते हैं" ❌ → केवल संचयी में बकाया होता है ✅
  • ट्रैप 3: "असंचयी शेयरों में भी बकाया मिलता है" ❌ → असंचयी बकाया समाप्त हो जाता है ✅
  • ट्रैप 4: "सभी वरीयता शेयर सहभागी होते हैं" ❌ → केवल सहभागी को अधिशेष मिलता है ✅
  • ट्रैप 5: "सभी वरीयता शेयर निःशोध्य होते हैं" ❌ → केवल निःशोध्य को मोचित किया जा सकता है ✅
  • ट्रैप 6: "अनिःशोध्य वरीयता शेयर अनुमत हैं" ❌ → Companies Act 2013 में अनुमत नहीं हैं ✅
  • ट्रैप 7: "रूपांतरणीय शेयर कभी भी रूपांतरित किए जा सकते हैं" ❌ → निर्गमन की शर्तों के अनुसार ✅
  • ट्रैप 8: "वरीयता लाभांश अनिवार्य है" ❌ → लाभ न होने पर अनिवार्य नहीं ✅
  • ट्रैप 9: "वरीयता शेयरों में इक्विटी के समान जोखिम है" ❌ → वरीयता शेयर सुरक्षित हैं ✅
  • ट्रैप 10: "इक्विटी शेयरधारकों को पहले लाभांश मिलता है" ❌ → वरीयता शेयरधारकों को पहले मिलता है ✅

13 महत्वपूर्ण तथ्य — परीक्षा विशेष

1. धारा 43 — वरीयता शेयर पूंजी की परिभाषा
2. धारा 55 — वरीयता शेयरों का निःशोधन
3. धारा 47 — वरीयता शेयरधारकों के मतदान अधिकार
4. धारा 2(88) — वरीयता शेयरों की परिभाषा
5. संचयी शेयर — बकाया संचयित होता है
6. असंचयी शेयर — बकाया समाप्त हो जाता है
7. सहभागी शेयर — अधिशेष में हिस्सा
8. गैर-सहभागी — केवल निश्चित लाभांश
9. निःशोध्य — मोचन किया जा सकता है
10. अनिःशोध्य — मोचन नहीं किया जा सकता
11. रूपांतरणीय — इक्विटी में रूपांतरित किया जा सकता है
12. पूँजी मोचन आरक्षित — निःशोधन पर बनता है

14 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q1. वरीयता शेयरों पर लाभांश होता है:
(a) परिवर्तनशील (b) निश्चित (c) कोई नहीं (d) इनमें से कोई नहीं
✅ सही उत्तर: (b) निश्चित
व्याख्या: वरीयता शेयरों पर लाभांश एक निश्चित दर पर होता है ।
Q2. वरीयता शेयरों की परिभाषा किस धारा में है?
(a) धारा 2(88) (b) धारा 43 (c) धारा 55 (d) धारा 47
✅ सही उत्तर: (b) धारा 43
व्याख्या: Companies Act 2013 की धारा 43 में वरीयता शेयर पूंजी की परिभाषा है ।
Q3. संचयी वरीयता शेयरों में बकाया क्या होता है?
(a) समाप्त (b) संचयित (c) रद्द (d) कोई नहीं
✅ सही उत्तर: (b) संचयित
व्याख्या: संचयी वरीयता शेयरों में अवैतनिक लाभांश संचयित होता है ।
Q4. निःशोध्य वरीयता शेयर किस धारा के तहत विनियमित हैं?
(a) धारा 43 (b) धारा 47 (c) धारा 55 (d) धारा 62
✅ सही उत्तर: (c) धारा 55
व्याख्या: वरीयता शेयरों का निःशोधन धारा 55 के तहत विनियमित है ।
Q5. सहभागी वरीयता शेयरों को क्या मिलता है?
(a) केवल निश्चित लाभांश (b) अधिशेष में हिस्सा (c) कोई नहीं (d) केवल पूंजी
✅ सही उत्तर: (b) अधिशेष में हिस्सा
व्याख्या: सहभागी वरीयता शेयरों को अधिशेष लाभ में हिस्सा मिलता है ।
Q6. कौन-से वरीयता शेयर Companies Act 2013 के तहत अनुमत नहीं हैं?
(a) निःशोध्य (b) रूपांतरणीय (c) अनिःशोध्य (d) संचयी
✅ सही उत्तर: (c) अनिःशोध्य
व्याख्या: Companies Act 2013 के तहत अनिःशोध्य वरीयता शेयर अनुमत नहीं हैं ।

15 अति लघु नोट्स — Quick Revision

वरीयता शेयर: निश्चित लाभांश, वरीयता अधिकार
धारा 43: वरीयता शेयर पूंजी की परिभाषा
धारा 55: निःशोधन के नियम
संचयी: बकाया संचयित होता है
असंचयी: बकाया समाप्त हो जाता है
सहभागी: अधिशेष में हिस्सा
निःशोध्य: मोचन किया जा सकता है
अनिःशोध्य: अनुमत नहीं
लाभांश सूत्र: शेयर × अंकित मूल्य × दर%
बकाया सूत्र: शेयर × अंकित मूल्य × दर% × वर्ष